CUET 2025 का Format – CUET 2025 का Format पूरी तरह बदला – 15 अगस्त से New Pattern लागूकॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET) अब भारत में अधिकांश केंद्रीय विश्वविद्यालयों में एडमिशन का मुख्य ज़रिया बन चुका है। लेकिन 2025 में छात्रों के लिए एक बड़ा बदलाव सामने आया है। 15 अगस्त 2025 से CUET का पूरा एग्जाम पैटर्न बदल दिया गया है, जिससे लाखों छात्रों को अपनी तैयारी की दिशा को नए सिरे से समझना पड़ेगा। अब तक जो पैटर्न चलता आ रहा था, वह अब पुराने जमाने की बात हो चुकी है। सरकार और UGC की तरफ से नए बदलाव लागू किए गए हैं ताकि एग्जाम को ज्यादा सरल, स्कोरिंग और फेयर बनाया जा सके। बहुत से छात्र और माता-पिता अब इस उलझन में हैं कि नए फॉर्मेट में क्या बदलाव आए हैं, कैसे तैयारी करें और क्या इसका असर उनके एडमिशन पर पड़ेगा। इस लेख में हम आपको विस्तार से बताएंगे कि CUET 2025 का नया पैटर्न क्या है, इसके पीछे सरकार की क्या सोच है, और छात्र कैसे इसका सही ढंग से लाभ उठा सकते हैं।
CUET 2025 के नए पैटर्न में क्या-क्या बदला?
2025 से CUET का पैटर्न पूरी तरह रिवाइज किया गया है। बदलाव सिर्फ क्वेश्चन के प्रकार में ही नहीं, बल्कि पूरे एग्जाम के स्ट्रक्चर और स्कोरिंग में भी किए गए हैं।
- अब परीक्षा दो चरणों में होगी – CBT 1 (कॉमन बेसिक टेस्ट) और CBT 2 (स्पेशलाइज्ड सब्जेक्ट टेस्ट)
- सेक्शनल कट-ऑफ की व्यवस्था खत्म कर दी गई है
- Negative marking अब हर सेक्शन में लागू होगी
- स्कोरिंग सिस्टम में normalization हटाकर Absolute Marks को वरीयता दी जाएगी
- इंटरनल चॉइस (Internal Choice) अब लगभग हर सेक्शन में दी जाएगी
- डोमेन-स्पेसिफिक टेस्ट अब कठिनाई स्तर के आधार पर A और B ग्रुप में बाँटे गए हैं
CBT 1 और CBT 2 – दो चरणों में होगी परीक्षा
इस साल से CUET को दो चरणों में बाँट दिया गया है ताकि छात्रों की Core Knowledge और Subject Understanding दोनों की सही जांच हो सके।
CBT 1 (Common Basic Test):
- भाषा कौशल, तार्किक क्षमता, डेटा इंटरप्रिटेशन जैसे सामान्य ज्ञान आधारित प्रश्न होंगे
- कुल 100 प्रश्न, जिसमें से 80 हल करने होंगे
- 1.5 घंटे की परीक्षा
CBT 2 (Specialized Subject Test):
- छात्र को अपने डोमेन विषय का चयन करना होगा
- हर विषय के लिए अलग-अलग स्लॉट होंगे
- कुल 80 प्रश्न, जिसमें से 60 अनिवार्य होंगे
नया स्कोरिंग सिस्टम – Absolute Marks पर आधारित मेरिट
पहले CUET में Normalization सिस्टम से मार्क्स दिए जाते थे जिससे छात्र भ्रमित रहते थे। अब 2025 से Absolute Marks सिस्टम लागू किया गया है जिससे:
- हर छात्र को वास्तविक स्कोर मिलेगा
- रिजल्ट में पारदर्शिता आएगी
- मेरिट लिस्ट बनाना आसान होगा
- एक ही पेपर के अलग-अलग स्लॉट में बैठने वाले छात्रों को बराबरी का मौका मिलेगा
छात्रों की तैयारी कैसे बदलेगी?
CUET के इस बदलाव का सीधा असर छात्रों की तैयारी पर पड़ेगा। अब सिर्फ किताबें रटना काफी नहीं होगा, आपको स्किल्स पर भी फोकस करना होगा।
कुछ अहम तैयारी सुझाव:
- डेटा इंटरप्रिटेशन, लॉजिकल रीजनिंग और रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन की नियमित प्रैक्टिस करें
- NCERT की किताबें Thoroughly पढ़ें
- Mock Tests और पिछले साल के पेपर्स का अभ्यास करें
- टाइम मैनेजमेंट और स्ट्रेटेजिक एप्रोच को अपनाएं
- CBT 1 को हल्का न समझें, क्योंकि यहीं से मेरिट तय होगी
नए बदलाव से छात्रों पर क्या असर पड़ेगा?
लाभ:
- अब परीक्षा का स्ट्रक्चर ज्यादा क्लियर है
- Internal choice के कारण छात्रों पर दबाव कम होगा
- स्कोरिंग ज्यादा फेयर हो गई है
- तैयारी का फोकस अब थ्योरी के साथ-साथ एप्लिकेशन पर भी होगा
चुनौतियाँ:
- डबल स्टेज परीक्षा के कारण मानसिक दबाव बढ़ सकता है
- सब्जेक्ट की गहराई तक जाना जरूरी होगा
- गलत उत्तरों के कारण Negative Marking की चिंता बनी रहेगी
एक छात्र का अनुभव – बदलाव कैसे बना वरदान
प्रयागराज की साक्षी वर्मा, जिन्होंने पिछले साल CUET में 650 स्कोर किया था, बताती हैं – “अगर ये नया फॉर्मेट मेरे साल में आता, तो मैं बेहतर स्कोर कर सकती थी। अब Absolute Scoring से असली मेहनत दिखेगी और पेपर के हर पार्ट का सही मूल्यांकन होगा।”
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न 1: CUET 2025 का नया पैटर्न कब से लागू होगा?
उत्तर: यह नया पैटर्न 15 अगस्त 2025 से लागू होगा और इसी फॉर्मेट से परीक्षा ली जाएगी।
प्रश्न 2: क्या अब CUET दो चरणों में होगी?
उत्तर: हां, अब परीक्षा दो चरणों में होगी – CBT 1 (सामान्य ज्ञान आधारित) और CBT 2 (डोमेन विषय आधारित)।
प्रश्न 3: Negative Marking किस-किस सेक्शन में होगी?
उत्तर: दोनों CBT 1 और CBT 2 में अब Negative Marking लागू होगी।
प्रश्न 4: क्या अब Normalization सिस्टम हटा दिया गया है?
उत्तर: जी हां, अब Absolute Marks के आधार पर मेरिट लिस्ट बनेगी, जिससे स्कोरिंग में पारदर्शिता आएगी।
प्रश्न 5: छात्र किस प्रकार से तैयारी करें?
उत्तर: छात्रों को अब सिर्फ रटने की बजाय कॉन्सेप्ट और लॉजिकल स्किल्स पर ज़ोर देना होगा। Mock Tests, NCERT और समय प्रबंधन को तैयारी में शामिल करना जरूरी है।